तेरी झील सी आँखों में डूब जाने का दिल चाहता है,
वफ़ा पर तेरी बर्बाद हो जाने का दिल चाहता है,
कोई सम्भाले हमे, बहक रहे हैं कदम,
तेरे इश्क में मर जाने का दिल चाहता है।

अब हम भी कुछ मोहब्बत के गीत गुनगुनाने लगे हैं,
जब से वो हमारे ख्वाबो में आने लगे हैं।


जब किसी की रूह में उतर जाता है मोहब्बत का समंदर,
तब लोग जिन्दा तो होते हैं, लेकिन किसी और के अंदर।
ये हमारी मोहब्बत है या कुछ और ये तो पता नही,
लेकिन जो तुमसे है, वो किसी और से नही।

ये तुमसे किसने कहा तुम इश्क का तमाशा करना,
अगर मोहब्बत करते हो हमसे तो बस हल्का सा इशारा करना।

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